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नागपंचमी पर सपेरों से 8 कोबरा बरामद, मुंह सिले और दांत तोड़े मिले; इलाज के बाद जंगल में छोड़े जाएंगे

 



जबलपुर। नागपंचमी के मौके पर जबलपुर वन विभाग की टीम और वन्य प्राणी विशेषज्ञ अवि वर्षे ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सपेरों के कब्जे से 8 कोबरा सांप बरामद किए हैं। इनमें सबसे बड़ा सांप करीब 5 फीट लंबा बताया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान दो महिलाओं, तीन बच्चों और तीन पुरुषों सहित सपेरों को पकड़ा गया है। वन विभाग ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

वन्य प्राणी विशेषज्ञ अवि वर्षे के मुताबिक, सुबह से चल रही कार्रवाई में अब तक आठ सांप बरामद किए जा चुके हैं। सभी सांप कोबरा प्रजाति के बताए गए हैं। बरामद सांपों की हालत चिंताजनक है। बताया गया कि कई सांपों के मुंह सिले हुए हैं और उनके दांत भी तोड़े गए हैं, जिससे वे अपना बचाव और शिकार करने में सक्षम नहीं रहते।

आस्था के नाम पर सांपों का शोषण

नागपंचमी पर नाग के दर्शन और पूजा को शुभ माना जाता है। इसी धार्मिक मान्यता का फायदा उठाकर कुछ सपेरे जंगलों से सांप पकड़कर उन्हें टोकरियों में बंद कर गांवों और शहरों में घूमते हैं। लोगों से सांपों के दर्शन करवाकर पैसे भी लिए जाते हैं।

सांपों को दूध पिलाने की परंपरा भी कई जगह देखने को मिलती है, जबकि विशेषज्ञों के अनुसार सांप दूध को प्राकृतिक आहार के रूप में नहीं लेते। लंबे समय तक कैद, भूखे रखने और उनके साथ की जाने वाली क्रूरता के कारण उनकी हालत बिगड़ जाती है और कई सांपों की मौत तक हो जाती है।

मुंह खोलकर किया जाएगा इलाज

वन्य प्राणी विशेषज्ञ अवि वर्षे ने बताया कि बरामद सभी सांपों को जबलपुर स्थित वाइल्ड लाइफ हेल्थ एंड फॉरेंसिक सेंटर भेजा जाएगा। वहां विशेषज्ञों की निगरानी में सांपों के सिले हुए मुंह खोले जाएंगे और उनकी स्थिति के अनुसार प्राथमिक उपचार किया जाएगा।

इलाज और स्वास्थ्य परीक्षण के बाद सांपों को सुरक्षित प्राकृतिक वातावरण में जंगल में छोड़ने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर भी निगरानी

नागपंचमी को देखते हुए वन विभाग ने जबलपुर में विशेष टीमें तैनात की हैं। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख स्थानों पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि बाहर से सांप लेकर आने वाले सपेरों को पकड़ा जा सके।

सोहागपुर के जंगलों से सांप लाने का दावा

पकड़े गए सपेरे लक्ष्मण ने पूछताछ में बताया कि वह नर्मदापुरम जिले में सोहागपुर के पास का रहने वाला है। उसके मुताबिक करीब 5 फीट लंबा सांप कुछ दिन पहले एक किसान के घर में निकला था, जिसे वे जबलपुर लेकर आए थे।

लक्ष्मण ने दावा किया कि उसे जानकारी नहीं थी कि सांप पकड़ना और उन्हें सार्वजनिक रूप से दिखाना कानूनन अपराध है। उसने बताया कि वह पहली बार सांप लेकर निकला था। सोहागपुर के आसपास पचमढ़ी का जंगल क्षेत्र होने के कारण वहां बड़ी संख्या में सांप पाए जाते हैं और सपेरों द्वारा इन्हीं वन क्षेत्रों से सांप पकड़े जाने की बात सामने आई है।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों को जंगल से पकड़कर उन्हें कैद में रखना और उनका प्रदर्शन करना कानूनन अपराध है। बरामद सांपों को उपचार के बाद उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से छोड़ा जाएगा।


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