जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट की एकलपीठ ने स्वास्थ्य विभाग के सेवानिवृत्त ड्रेसर से की गई रिकवरी की राशि वापस करने के पूर्व आदेश का पालन नहीं होने पर दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई की। न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने मामले में स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव सहित सभी संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
अवमानना याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मोहनलाल शर्मा, शिवम शर्मा और जितेंद्र गर्ग ने पक्ष रखा। एकलपीठ ने 12 अगस्त 2026 को कंटेम्प्ट केस में देरी माफी आवेदन के साथ अवमानना याचिका पर भी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
4.70 लाख रुपये की रिकवरी का मामला
मंडला निवासी सेवानिवृत्त ड्रेसर दिनेश कुमार पटेल की ओर से दायर अवमानना याचिका में बताया गया कि वे 31 अगस्त 2020 को ड्रेसर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। विभाग ने उनके वेतन निर्धारण में वर्ष 1989 से गलती बताते हुए मूल वेतन 775 रुपये से घटाकर 725 रुपये कर दिया।
इसके आधार पर विभाग ने उनसे 1 लाख 84 हजार 500 रुपये की रिकवरी निकाली। इस राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के रूप में 2 लाख 86 हजार 288 रुपये जोड़ते हुए कुल 4 लाख 70 हजार 789 रुपये की राशि उनके सेवानिवृत्ति लाभों से वसूलने के निर्देश दिए गए थे।
हाईकोर्ट ने पहले दिया था राहतकारी आदेश
विभाग की इस कार्रवाई को दिनेश कुमार पटेल ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मामले में न्यायालय ने उनके पक्ष में राहतकारी आदेश पारित किया था। याचिकाकर्ता की ओर से न्यायालय को बताया गया कि 11 जुलाई 2025 को पारित आदेश के अनुपालन के लिए 25 जुलाई और 16 सितंबर 2025 को संबंधित अधिकारियों को अभ्यावेदन भी दिए गए थे।
याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट ने पहले वसूल की गई राशि तीन माह के भीतर वापस करने का निर्देश दिया था। साथ ही भुगतान में देरी होने पर छह प्रतिशत ब्याज देने की बात कही गई थी। इसके बावजूद अब तक राशि वापस नहीं की गई।
अधिकारियों पर आदेश की अवहेलना का आरोप
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि न्यायालय के स्पष्ट निर्देश के बावजूद राशि का भुगतान नहीं किया गया। इसी को आधार बनाकर स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव सहित अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की गई है।
एकलपीठ ने मामले में प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब मामले की अगली सुनवाई में अधिकारियों की ओर से न्यायालय के आदेश के अनुपालन और भुगतान में हुई देरी को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
