जबलपुर। शहर के प्रमुख रिहायशी इलाकों राइट टाउन, नेपियर टाउन और गोलबाजार में पिछले तीन दिनों से पेयजल संकट गहराया हुआ है। नलों से पानी की आपूर्ति ठप होने के कारण हजारों लोगों को निजी बोरिंग, हैंडपंप और अन्य वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि विद्युत संबंधी खराबी के कारण मुख्य जल टंकियां पर्याप्त रूप से नहीं भर सकीं, जिससे इन क्षेत्रों का पाइपलाइन नेटवर्क प्रभावित हुआ।
लगातार तीन दिनों से पानी नहीं मिलने के कारण लोगों के रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। घरों में खाना बनाने, सफाई और अन्य जरूरी कार्यों के लिए पानी जुटाना लोगों के लिए चुनौती बन गया है। रहवासियों का आरोप है कि जल संकट की स्थिति को लेकर समय पर पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई और प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर टैंकर भी नहीं पहुंचाए गए।
विद्युत खराबी से खाली रह गईं मुख्य टंकियां
शहर के मध्य क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने के पीछे मुख्य पंपिंग स्टेशनों और जल शोधन संयंत्र से जुड़ी विद्युत खराबी को वजह बताया जा रहा है। विद्युत आपूर्ति बाधित होने से वितरण टंकियों में पर्याप्त पानी नहीं भर पाया और इसका सीधा असर पाइपलाइन के जरिए होने वाली सप्लाई पर पड़ा।
पानी की तलाश में लोगों को निजी सबमर्सिबल पंप और हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ा। कई स्थानों पर लोग बाल्टियां लेकर पानी भरते नजर आए। रहवासियों का कहना है कि अचानक जलापूर्ति बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और छोटे परिवारों को हो रही है।
दो दिन पहले आई थी तकनीकी खराबी
नगर निगम जल विभाग के कार्यपालन यंत्री कमलेश श्रीवास्तव के अनुसार, करीब दो दिन पहले तकनीकी खराबी सामने आई थी। खराबी को दूर कर दिया गया है और अब प्रभावित क्षेत्रों में जल प्रदाय बहाल करने का काम शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक पाइपलाइनों में पानी का दबाव सामान्य करने की प्रक्रिया जारी है।
हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि कई इलाकों में अभी भी नलों में पानी की धार बेहद कमजोर है। इससे लोगों की परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
गढ़ा, शक्तिनगर और रांझी में दूषित पानी की शिकायत
शहर के गढ़ा, शक्तिनगर, गुप्तेश्वर और रांझी सहित कई घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भी जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। कुछ इलाकों में नियमित अंतराल पर पानी की सप्लाई बाधित होने के साथ पाइपलाइनों से गंदा और बदबूदार पानी आने की शिकायतें हैं।
रहवासियों का कहना है कि दूषित पानी की वजह से संक्रमण और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। लोगों ने नगर निगम से जलापूर्ति व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करने, जर्जर पाइपलाइन बदलने और पानी की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।
जल संकट पर उठे सवाल
शहर में बारिश के मौसम के बावजूद पेयजल व्यवस्था को लेकर सामने आ रही शिकायतों ने नगर निगम की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि तकनीकी खराबी जैसी स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था तत्काल सक्रिय होनी चाहिए, ताकि हजारों परिवारों को तीन-तीन दिन तक पानी के लिए परेशान न होना पड़े। अब देखना होगा कि जल विभाग प्रभावित क्षेत्रों में नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति कितनी जल्दी बहाल कर पाता है।
